अनुशासनहीनता के आरोप में महापौर रामशरण पार्टी से निलंबित

अनुशासनहीनता के आरोप में महापौर रामशरण पार्टी से निलंबित

बिलासपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बिलासपुर नगर निगम के महापौर रामशरण यादव को अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री संगठन मलकीत सिंह गैंदू के हस्ताक्षर से जारी पत्र में पार्टी संगठन के खिलाफ अनर्गल बात करने और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण कार्रवाई की गई है। 10 नवंबर को उनकी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता निलंबित की गई है।
गुरुवार को पूर्व विधायक अरुण तिवारी ने प्रेस कांफ्रेंस में अपने और महापौर रामशरण यादव के बीच हुई 19 मिनट की बातचीत का आडियो प्रसारित करते हुए कांग्रेस के दिग्गज नेताओं पर टिकट वितरण में बड़े पैमाने पर पैसे के लेन-देन का आरोप लगाया था। आडियो प्रसारित करते हुए अरुण तिवारी ने यह भी दावा किया था कि आडियो में किसी तरह की कोई टैंपरिंग नहीं की गई है और इसकी पूरी जिम्मेदारी उन्होंने खुद ही ली थी। महापौर और उनके बीच प्रसारित आडियो में महापौर रामशरण यादव ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव व प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा पर टिकट वितरण में बड़ी राशि की डील का आरोप लगाते हुए यह भी कहते सुनाई दे रहे हैं कि प्रदेश प्रभारी बनने के लिए ऊपर पैसे देते हैं और छत्तीसगढ़ आने के बाद अपनी जेब भरते हैं। आडियो प्रसारित होने के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इसे गंभीरता से लेते हुए रामशरण यादव को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर जवाब पेश करने और जवाब संतोषजनक ना पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी थी। शुक्रवार को 24 घंटे का अल्टीमेटम समाप्त होते ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जवाब को संतोषजनक ना पाते हुए पार्टी की प्राथमिकत सदस्यता निलंबित कर दिया है। मालूम हो कि महापौर रामशरण और पूर्व विधायक अरुण तिवारी के बीच बातचीत का आडियाो वायरल होने और पीसीसी की नोटिस के बाद से ही इस बात की अटकलबाजी लगाई जा रही थी कि चुनाव के समय इस तरह के आरोप से दिग्गज नेताओं की ना केवल नाराजगी बढ़ी वरन कार्रवाई की बात भी कही जा रही थी। अटकलबाजी पर पीसीसी ने विराम लगा दिया है।
महापौर की कुर्सी भी जाएगी
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्रवाई के बाद अब इस बात की अटकलें जोर पकडऩे लगी है कि दिग्गज कांग्रेसी नेताओं के साथ ही पीसीसी का अगला कदम क्या होगा। इस बात की चर्चा है कि पार्टी की प्राथमिक सदस्यता निलंबित होने के बाद महापौर की कुर्सी भी रामशरण यादव को छोडऩी पड़ेगी। सदन वे कांग्रेस का पूर्ण बहुमत है और सदन के नेता के रूप में वे कार्य कर रहे हैं। पार्टी की प्राथमिक सदस्यता निलंबित होने के बाद कांग्रेस के पार्षद उनको अपना नेता कैसे स्वीकार करेंगे। विधानसभा चुनाव के बाद एक बार फिर स्थानीय राजनीति में सरगर्मी बढ़ेगी। सत्ताधारी दल के भीतर एक बार फिर मेयर की कुर्सी दौड़ शुरू होगी। बीते चुनाव में राजनीति कारणों और समीकरण के चलते जो चूक गए थे एक बार फिर उनकी सक्रियता बढ़ेगी। दावेदारों के साथ ही पार्षदों की पूछपरख भी बढ़ेगी। निश्चिततौर विधानसभा चुनाव के बाद स्थानीय राजनीति एक बार फिर गरमाएगी।
क्या है पीसीसी का पत्र
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज के आदेशानुसार छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 में पार्टी संगठन के खिलाफ अनंगल वार्तालाप करते हुए पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने के कारण जारी कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होने के कारण रामशरण यादव महापौर नगर पालिक निगम बिलासपुर को 10 नवंबर 2023 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (इंडियन नेशनल कांग्रेस) की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया जाता है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।
निर्णय की इनको दी गई जानकारी
कुमारी सैलजा महासचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी, भूपेश बघेल मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़,टीएस. सिंहदेव उपमुख्यमंत्री छत्तीसगढ़, डा चरणदास महत अध्यक्ष-प्रदेश चुनाव अभियान समिति, धनेन्द्र साहू विधायक एवं अध्यक्ष-प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति ,डा. चंदन यादव एआइसीसी सचिव एवं छग. प्रभारी

MRINMOY MALLICK

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