सीयू का अकादमिक गौरव उत्कृष्टता की ओर- कुलपति, गुरुघासीदास विश्वविद्यालय के दसवें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी राष्ट्रपति-द्रौपदी मुर्मू, दीक्षांत समारोह के पूर्वाभ्यास में मेडल पाने वालों के चेहरे खिले
बिलासपुर। गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (केन्द्रीय विश्वविद्यालय) के भव्य एवं गरिमामयी दशम दीक्षांत समारोह का पूर्वाभ्यास आज पूर्वाह्न 11 बजे से रजत जयंती सभागार में आयोजित किया गया। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के 45 मिनट के प्रवास के दौरान की जाने वाली व्यवस्थाओं का पूर्वाभ्यास निर्धारित समयावधि को दृष्टिगत रखते हुए सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया। मुख्य अतिथि सहित अन्य गणमान्य अतिथियों के साथ काफिला आयोजन स्थल पर निर्धारित समय पर पहुंचा तथा राष्ट्रपति की अगवानी समस्त अतिथियों के साथ कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल ने की।
मुख्य अतिथि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के आगमन पर सर्वप्रथम आयोजन स्थल पर पहले कार्यपरिषद एवं विद्यापरिषद सदस्यों के साथ, तदुपरांत विद्यार्थियों के साथ अतिथियों द्वारा ग्रुप फोटोग्राफ खिंचवाया गया। इसके लिए विश्वविद्यालय में दोनों समूह के बैठने की व्यवस्था रजत जयंती सभागार के बाहर की गई थी।दसवें दीक्षांत समारोह की शोभायात्रा के पूर्वाभ्यास का क्रम इस प्रकार निर्धारित किया गया जिसमें हॉल क्रमांक 1 से मंच की ओर प्रस्थान करते हुए सर्वप्रथम कुलसचिव, विद्यापरिषद के सदस्य, कार्य परिषद, विभिन्न विद्यापीठों के अधिष्ठातागण एवं अतिथिगण व कुलपति/कुलाधिपति रहे। वहीं वापसी के दौरान इसके विपरीत क्रम में शोभायात्रा समारोह स्थल से हॉल क्रमांक 1 तक लौटी।कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्ज्वलन तथा मां सरस्वती एवं बाबा गुरु घासीदास जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के तरंग बैंड ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी। कुलपति ने समस्त मंचस्थ अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत व स्मृति चिह्न भेंट किया। इस पावन अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की भूमिका डॉ. अल्का एक्का, छतीसगढ़ के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन की भूमिका प्रोफेसर रत्नेश सिंह एवं छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की भूमिका प्रोफेसर विशन सिंह राठौड़ एवं केन्द्रीय राज्य मंत्री श्रीमती रेणुका सिंह की भूमिका डॉ. ज्योति वर्मा ने निभाई।विश्वविद्यालय के कुलपति ने दशम दीक्षांत समारोह प्रारंभ करने की अनुमति प्रदान की। उसके उपरांत विश्वविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय अकादमिक, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार कर रहा है। कुलपति ने पेटेंट, शोध पत्र, स्वाभिमान थाली योजना, स्वावलंबी छत्तीसगढ़ योजना, श्रवण लाइन योजना एवं प्लेसमेंट आदि के विषय में बात कही।
उन्होंने अतिथि के रूप में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति पर गौरव और हर्ष व्यक्त किया।इस पूर्वाभ्यास में सत्र 2021-22 के पीएचडी डिग्रीधारी, स्नातक-स्नातकोत्तर तथा डिप्लोमा डिग्री धारकों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। समारोह में सत्र 2021-22 की विभिन्न परीक्षाओं (स्नातक, स्नातकोत्तर, पत्रोपाधि आदि) में उत्तीर्ण 2897 छात्र-छात्राओँ को उपाधि दिये जाने की घोषणा की गई। वहीं प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 72 विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय स्वर्ण मंडित पदक, 10 दानदाता पदक, 01 गुरु घासीदास पदक व 01 कुलाधिपति पदक सहित 84 पदक प्रदान किये गये। 28 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान किये गये।
एलईडी स्क्रीन पर देखा लाइव प्रसारण मंच के पिछले हिस्से में विशाल एलईडी स्क्रीन स्थापित की गई है जिस पर संपूर्ण समारोह लाइव प्रसारित होगा साथ ही पदक एवं उपाधि धारकों के नाम, विषय, तस्वीर तथा प्राप्त होने वाले पदक अथवा उपाधि की पूर्ण जानकारी उनके मंच पर पहुंचने पर प्रसारित किये जाएंगे। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ. गरिमा तिवारी ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर मनीष श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल, कुलसचिव प्रो. मनीष श्रीवास्तव, कार्यपरिषद के सदस्य, विद्यापरिषद के सदस्य, अधिष्ठातागण, विभागाध्यक्ष, शिक्षकवृंद, अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

