सडक़ नहीं तो वोट नहीं,घेरा कलेक्ट्रेट, सडक़ बदहाली से रोज हो रही दुर्घटनाओं पर जताया रोष
बिलासपुर। मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के डॉक्टर कृष्णमूर्ति बांधी के विधानसभा क्षेत्र में ढेका से लेकर मानिकपुर धूमा सिलपहरी मोड़ तक साढ़े 5 किलोमीटर की सडक़ पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। यहां वाहनों तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। धूमा सिलपहरी में उद्योगों के बड़े वाहनों के आवागमन से पिछले 8 साल में यहां सडक़ पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। मरम्मत भी नहीं किया गया। 2015 में इस सडक़ को बनाने के लिए 8 करोड़ का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया था लेकिन यह प्रस्ताव सरकार ने वापस कर दिया । अब गांव वालों ने कहा है कि सडक़ नहीं तो वोट नहीं। गांव की महिलाएं और पंचों ने भी चुनाव बहिष्कार करने का ऐलान किया है। इधर कलेक्टर ने अधिकार पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को सडक़ मरम्मत के निर्देश दिए हैं। धूमा मानिकपुर सिलपहरी के पंच सरपंच एवं अनेक ग्रामीण के ग्रामीण विधायक कृष्णमूर्ति बांधी के साथ कलेक्टर से मिलने पहुंचे। गांव वालों का कहना है कि पिछले कई साल से इस जर्जर सडक़ को बनाने की मांग कर रहे हैं लेकिन जिला प्रशासन के अधिकारी इस सडक़ की मरम्मत नहीं करा रहे हैं। भाजपा शासनकाल में इस सडक़ का निर्माण 2014 मे हुआ था लेकिन उसके बाद जर्जर सडक़ में किसी कोई काम नहीं हुआ जिसकी वजह से आज जानलेवा सडक़ के बनाने की मांग को लेकर काफी संख्या में ग्रामीण कलेक्टर के पास पहुंचे थे । विधायक डॉक्टर कृष्णमूर्ति बांधी का कहना है कि उन्होंने भाजपा शासनकाल में इस सडक़ को बनवाया था लेकिन उसके बाद सडक़ पूरी तरह खराब हो चुकी है। गांव वालों का कहना है कि भाजपा ने 15 साल राज किया विधायक यहां से बांधी भी थे मंत्री भी बने थे अब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है। और भाजपा के विधायक हैं जब विधायक 3 किलोमीटर की सडक़ नहीं बनवा पा रहे तो ऐसे विधायक की किस काम के। इस बार जो इस गांव की 3 किलोमीटर सडक़ को बनवाएगा उसे ही इस गांव में वोट मिलेगा। सडक़ नहीं बनने पर गांव वालों ने चुनाव बहिष्कार करने का निर्णय लिया। भाजपा शासन काल में आज से 19 साल पहले सडक़ बनी थी और इस 19 साल में सडक़ की मरम्मत नही किया गया नई सडक़ नहीं बनी। पूर्व पार्षद एवं धूमा किसान हसमुखभाई कोठारी लगातार इस सडक़ के मरम्मत कार्य को लेकर तथा नई सडक़ बनाने की मांग को लेकर जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कर रहे हैं लेकिन प्रशासन ने उनकी मांगों पर आज तक अमल नहीं किया। फागुन हसमुखभाई कोठारी अपनी बाइक से अपने गांव जाते हैं लेकिन कई बार इस जानलेवा सडक़ में गिर चुके हैं उनके घुटने में चोट भी लगी है। कलेक्टर को भी अपनी आपबीती बताई लेकिन कलेक्टर पूर्व पार्षद की बात सुनने को तैयार नहीं है। किसी भी जनप्रतिनिधि को गांव के अंदर चुनाव प्रचार के लिए नहीं घुसने देंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से सरपंच ताराचंद देवांगन पूर्व सरपंच राकेश देवांगन, धूमा के सरपंच मोतीलाल गुप्ता उपसरपंच विवेक कुमार पटेल पंच गणों में सुरेंद्र पटेल, प्रीति शुक्ला, पूजा यादव, सीता यादव, सविता पटेल, आशा देवी रुक्मणी पटेल पटेल, गिरजा देवी, फूलदेवी, कविता इंदिरा पटेल आदि मौजूद रहे।

