32 महीने में 465 करोड़ की लागत से बिलासपुर रेल मंडल के 17 स्टेशनों को दिया जाएगा न्यू लुक-डीआरएम, बिलासपुर स्टेशन में यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेगी

32 महीने में 465 करोड़ की लागत से बिलासपुर रेल मंडल के 17 स्टेशनों को दिया जाएगा न्यू लुक-डीआरएम,  बिलासपुर स्टेशन में यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेगी

बिलासपुर। 32 महीने बाद बिलासपुर रेलवे स्टेशन में यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं मिला करेंगी। स्टेशन भवनों का डिज़ाइन स्थानीय संस्कृति, विरासत और वास्तुकला से प्रेरित होगा । बिलासपुर स्टेशन हाईटेक यात्री सुविधाओं के साथ टेक्नोलॉजी, स्थानीय संस्कृति और समृद्ध विरासत का आकर्षक केंद्र बनेंगे।इसके साथ ही चौथी लाइन शुरू किया जाएगा और दो नए प्लेटफार्म का भी निर्माण किया जाएगा।
रेलवे देश भर में लोगों के परिवहन का पसंदीदा साधन है।इसको देखते हुए रेलवे अत्याधुनिक सार्वजनिक परिवहन के प्रावधान पर जोर देते रहे हैं ।अब रेलवे स्टेशनों पर विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के महत्व पर जोर दिया जा रहा है। देश भर में 1309 स्टेशनों के पुनर्विकास किया जाना इसके तहत बिलासपुर रेल मंडल के 17 स्टेशनों का भी पुनर्विकास किया जाएगा।
जिसमे बिलासपुर, उसलापुर, अकलतरा, नैला, बाराद्वार, चंपा, बेलपहाड़, रायगढ़, ब्रजराजनगर, कोरबा, पेंड्रारोड, शहडोल, अनुपपुर, उमरिया,बिजुरी, बैकुंठपुररोड, अंबिकापुर जैसे स्टेशन शामिल है। इन स्टेशनों का विकास आने वाले 70 साल को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।
अभी इन स्टेशनों पर सभी मूलभूत सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन पुनर्विकास के बाद स्टेशनों में व्यापक यात्री सुविधाओं का विस्तार हो जाएगा।
इसमें आधुनिक यात्री सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ अच्छी तरह से डिजाइन किए गए यातायात परिसंचरण, अंतर-मॉडल एकीकरण और यात्रियों के मार्गदर्शन के लिए अच्छी तरह से डिजाइन किए गए साइनेज को सुनिश्चित करेगा । स्टेशन भवनों का डिज़ाइन स्थानीय संस्कृति, विरासत और वास्तुकला से प्रेरित होगा ।
रेल्वे की इस योजना के अंतर्गत स्टेशनों पर निम्नलिखित यात्री सुविधाओं का विस्तार की जाएगी
• आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त फुटओवर ब्रिज का प्रावधान
• लिफ्ट एवं एस्कलेटर का प्रावधान
• सर्कुलटिंग एरिया का उन्नयन
• वेटिंग हाल और टायलेट्स का उन्नयन
• स्टेशन लाईटिंग में सुधार, साइनेज, ट्रेन एवं कोच इंडिकेटर बोर्ड्स की सुविधा /उन्नयन
• पार्किंग एरिया में वृद्धि
• प्लैटफ़ार्म एरिया का विस्तार / शेड द्वारा कवरिंग
• स्थानीय कला और संस्कृति के अनुसार स्टेशन के वाह्य स्वरूप का उन्नयन
वहीं जो मुख्य स्टेशन है उन स्टेशनों में आधुनिक यात्री सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ अच्छी तरह से डिजाइन किए गए यातायात परिसंचरण, अंतर-मॉडल एकीकरण और यात्रियों के मार्गदर्शन के लिए अच्छी तरह से डिजाइन किए गए साइनेज को सुनिश्चित करेगा । स्टेशन भवनों का डिज़ाइन स्थानीय संस्कृति, विरासत और वास्तुकला से प्रेरित होगा ।
बिलासपुर स्टेशनों के पुनर्विकास कार्य में निम्नलिखित विशेषताएं शामिल रहेंगी
• स्टेशन बिल्डिंग के दोनों तरफ से शहर व्यापक एंट्री का प्रावधान
• लिफ्ट एवं एस्कलेटर का प्रावधान
• Eqivalent कार पार्किंग की सुविधा
• पूर्ण ग्रीन बिल्डिंग
• यात्री सुविधायुक्त विशाल कान्कोर्स
• विशाल छत आवरण
• नए बड़े फुट ओवर ब्रिज
• स्टेशन की छतों पर सोलर पैनल, रेनहार्वेस्टिंग
• प्रस्तावित स्टेशन बिल्डिंग में हेरिटेज महत्व के साथ साथ स्थानीय कला और संस्कृति का समावेश रहेगा।
बिलासपुर स्टेशन के पुनर्विकास से जुड़े कामों के पूरा होने के बाद यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं मिला करेंगी ।
शहर के दोनों किनारों के उचित एकीकरण के साथ इन स्टेशनों को ‘सिटी सेंटर’ के रूप में विकसित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किए जा रहे हैं । यह एकीकृत दृष्टिकोण रेलवे स्टेशन के आसपास केंद्रित शहर के समग्र शहरी विकास की समग्र दृष्टि से प्रेरित है।
पुनर्विकास के बाद बिलासपुर स्टेशन हाईटेक यात्री सुविधाओं के साथ टेक्नोलॉजी, स्थानीय संस्कृति और समृद्ध विरासत का आकर्षक केंद्र बनेंगे . यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ रोजगार बढ़ने की व्यापक संभावना विकसित होगी जिसका लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा ।

MRINMOY MALLICK

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