महर्षि यूनिवर्सिटी में एनएसयूआई का हंगामा हास्टल सुविधा नहीं, अव्यवस्था को लेकर भडक़े छात्र नेता परीक्षा में खुलेआम चलती है नकल
बिलासपुर। आज एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह के नेतृत्व मे महर्षि यूनिवर्सिटी के कुलपति का घेराव किया गया। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह ने बताया कि महर्षि यूनिवर्सिटी में चल रहे अनेक गड़बडिय़ों के संबंध में पूर्व में कुलसचिव डॉ विजय गारूडीक को सूचित कर ज्ञापन सौंपा गया था । जिस पर आज तक कोई भी कार्यवाही नहीं किया गया तत्पश्चात विभिन्न विषयों पर जानकारी लेने के लिए आरटीआई भी लगाया गया था। जिसके जवाब में सभी जानकारियों को विश्वविद्यालय के वेबसाइट में है बताकर किसी भी प्रकार का कोई जवाब नहीं दिया गया।

इसके बाद दोबारा 1 मई को पुन: सभी सत्यापित दस्तावेजों के साथ आरटीआई लगाकर जवाब मांगा गया । जिसका जवाब आज तक नहीं दिया गया ।
वहीं आज सूचना मिली कि विश्वविद्यालय वर्तमान में विभिन्न परीक्षाओं का आयोजन करा रहा है जिसमें शामिल होने पूरे प्रदेश के अलग-अलग जगहों से आए हुए छात्राओं के रुकने के लिए किसी भी प्रकार की कोई सुविधा नहीं है, उन सभी छात्राओं को विश्वविद्यालय के कक्षाओं में तथा कुलपति के निवास में टेंट हाउस के गद्दे मंगवा कर उन्हें रखा गया है,उन छात्राओं की सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है । वह अपने भोजन पानी के लिए स्वयं वहन कर बाहर से खाना मंगवा कर अपना व्यवस्था कर रही है जबकि विश्वविद्यालय में छात्रावास का होना अति आवश्यक होता है छात्राओं की पीड़ा को सुनकर आज एनएसयूआई कार्यकर्ता जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह के साथ महर्षि विश्वविद्यालय पहुंचे तब एनएसयूआई कार्यकर्ता दो से ढाई घंटे तक कुलसचिव के कार्यालय में धरने पर बैठे रहे । उसके बाद भी कुलसचिव ने किसी भी प्रकार का कोई जवाब देना उचित नहीं समझा तब एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने सीधे कुलपति के कार्यालय में घुसकर कुलपति का घेराव कर दिया । कुलपति के अडिय़ल रवैया को देखने के बाद एनएसयूआई कार्यकर्ता भडक़ गए और एनएसयूआई और कुलपति के बीच माहौल गरम हो गया दोनों के बीच गहमागहमी का माहौल बनते देख पुलिस प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए सिविल लाइन थाना प्रभारी परिवेश तिवारी ने माहौल शांत कराया। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय में आयोजित परीक्षा में खुलेआम नकल कराया जाता है,विश्वविद्यालय द्वारा कैंपस के बाहर नियम विरुद्ध पूरे प्रदेश मे अध्ययन केंद्र संचालित किया जाता है तथा विश्वविद्यालय में हॉस्टल की सुविधा नहीं होना। प्राध्यापकों के अभाव में विश्वविद्यालय का संचालन किया जा रहा है,विश्वविद्यालय में बाहर से आए छात्राओं की सुरक्षा की कोई व्यवस्था नही की गयी है। कुलपति के पास कुलपति बनने की योग्यता नहीं है ऐसे गंभीर आरोप जिलाध्यक्ष सिंह ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर लगाया।
पुलिस प्रशासन के द्वारा मध्यस्थता कराने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने एनएसयूआई जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह के द्वारा आरटीआई के माध्यम से पूछे गए सभी सवालों का जवाब 29 मई सोमवार को दिए दिए जाने का लिखित रूप में पत्र सौंपा। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन अपने अडिय़ल रवैया को भूल कर सुचारू रूप से नियमानुसार विश्वविद्यालय नहीं चला सकती तो एनएसयूआई उग्र आंदोलन कर विश्वविद्यालय में तालाबंदी करेगी जिसकी समस्त जवाबदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। महर्षि यूनिवर्सिटी घेराव मे एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह के साथ प्रदेश सचिव लोकेश नायक, सुमित शुक्ला, प्रवीन साहू, आशीष पटेल, हिमांशु सिंह,पंकज निर्मलकर,तरुण यादव, राहुल राजपूत, करन सिदार, राज नायक,अंश वाजपेयी, भारत कौशिक, उमेश चंद्रवंशी, चंद्रप्रकाश सोनवानी, अंकित पटेल, मयंक विश्वकर्मा आदि एनएसयूआई के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

