कांग्रेस सरकार ने बिलासपुर को बदरंग कर दिया-अमर
पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल के जन्मदिन पर नेहरू चौक में धरना प्रदर्शन कलेक्टर को दिया गया ज्ञापन

बिलासपुर , (जीआर)। 20 साल तक बिलासपुर के विधायक और 15 साल मंत्री रहे अमर अग्रवाल ने गुरुवार को अपना जन्मदिन नहीं मनाया। उनका कहना है कि मौजूदा सरकार की कार्यशैली से शहर दुखी है, ऐसे में वे कैसे अपना जन्मदिन मना सकते हैं । पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल अपना जन्मदिन शानो शौकत से मनाने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस वर्ष उन्होंने प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, विकास कार्य ठप होने, बिगड़ती कानून व्यवस्था, नशे का बढ़ता कारोबार, गुंडागर्दी, भू माफियाओं को संरक्षण जैसे आरोप लगाते हुए अपना जन्मदिन नहीं बनाया। इस दिन उनके समर्थक रैली की शक्ल में नेहरू चौक पहुंचे ,जहां प्रदेश सरकार के विरोध में भाजपा नेताओं ने धरना प्रदर्शन किया। मंचासीन नेताओं ने प्रदेश सरकार पर तीखे हमले किए।
अमर अग्रवाल ने कहा कि उनके समय में बिलासपुर में एक नारा प्रसिद्ध हुआ करता था- ना भय है ना डर है, यह अमर भैया का शहर है, लेकिन आज उसी शहर के लोग डरे सहमे हैं । रात 10 बजे के बाद अगर बेटा घर नहीं पहुंचता तो मां इस चिंता में दोहरी हो जाती है कहीं उसके बेटे को किसी ने चाकू तो नहीं मार दिया। लोग इस बात पर सहमें हुए हैं कि कहीं उनकी जमीन कोई भूमाफिया हड़प तो नहीं ले रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने बिलासपुर को पूरी तरह से बदरंग कर दिया है । यहां विकास कार्य ठप है। 4 सालों में एक ईट नहीं लगी है। उन्होंने कांग्रेसी नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अब भी बाज आ जाए, अन्यथा अपराधियों को संरक्षण देने वाले ऐसे नेताओं की फाइल भाजपा की सरकार आते ही 1 जनवरी 2024 को खुलेगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा। अमर अग्रवाल के जन्मदिन पर गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने नेहरू चौक पर धरना प्रदर्शन किया, वही सभा के बाद कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें कहा गया कि शांति के टापू बिलासपुर को सत्ता दल के संरक्षण से अपराधधानी बना दिया गया है । अमृत मिशन, सीवरेज, प्रधानमंत्री आवास, कौशल विकास जैसी योजनाएं स्थानीय व राज्य सरकार के असहयोग के कारण ठप्प है।शुद्ध जल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट, सडक़ निर्माण ,नाली निर्माण, उद्यान एवं तालाबों का रखरखाव, प्रगति मैदान निर्माण जैसे सभी विकास कार्य थम गए हैं। सरकारी संरक्षण में नजूल भूमि, भू माफियाओं को बेची जा रही है, जिससे नजूल भूमि पर बने मकान -दुकान में रहने वाले लोग भयभीत हैं । उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व सहित सभी विभागों में भ्रष्टाचार चरम पर है। भूखंडों की रजिस्ट्री, नामांतरण बटांकन, रिकॉर्ड दुरुस्ती जैसे लंबित काम बिना मोटी रकम के भुगतान के नहीं की जा रही है।यहां तक कि निवास प्रमाण पत्र आय , जाति प्रमाण पत्र जैसे मामूली कामों के लिए भी चढ़ावा देना पड़ता है । सिटीजन चार्टर दीवारों में दम तोड़ रहा है। सभी विभागों में भ्रष्टाचार और लालफीताशाही चरम पर है। प्रदेश एक तरफ भ्रष्टाचार का सामना कर रहा है तो वही अपराधियों के हौसले बुलंद है। चाकूबाजी से शहर दहशत में है। पूरे शहर पर भू-माफिया और नशे के कारोबारियों का कब्जा है ।
इस धरना प्रदर्शन में , रामदेव कुमावत पूर्व सभापति अशोक विधानी, विनोद सोनी ,अमरजीत सिंह दुआ, पूजा विधानी, मनीष अग्रवाल प्रवीण दुबे समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक थे


