2000 करोड़ के शराब घोटाला को लेकर भाजपा खड़गवां मंडल ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व आबकारी मंत्री कवासी लखमा का किया पुतला दहन
चिरमिरी/खड़गवां। छत्तीसगढ़ में उजागर हुए 2000 करोड़ के शराब घोटाला मामले को लेकर कांग्रेस सरकार का विरोध करते हुए भाजपा खड़गवां मंडल ने गत दिवस रतनपुर बाजार में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आबकारी मंत्री कवासी लखमा का पुतला दहन किया और जोरदार नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगा।
भाजपा खड़गवां मंडल के द्वारा मुख्यमंत्री और आबकारी मंत्री के पुतला दहन को लेकर खड़गवां मंडल के साप्ताहिक बाजार ग्राम रतनपुर में आम सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि बीते साढ़े 4 वर्ष में कांग्रेस सरकार ने भ्रष्टाचार के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। छत्तीसगढ़ में शराबबंदी का वादा करने वाली भूपेश सरकार ने आज शराब को निजी आय का जरिया बना लिया है छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को शराब की बुरी तरह से लत लग चुकी है। छत्तीसगढ़ में शराब माफियाओं और अवैध कार्यों में लिप्त लोगों को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आबकारी मंत्री कवासी लखमा का संरक्षण प्राप्त है।

आज छत्तीसगढ़ के गांव-गांव में उप भट्टी खोलकर लोगों के घरों में भूपेश सरकार शराब परोसने का काम कर रही है। श्री जायसवाल ने आगे कहा कि शराब घोटाला देश का सबसे बड़ा घोटाला है जो दिल्ली शराब घोटाला से कहीं ज्यादा संगीन है। अभी तक रेत घोटाले के अलावा कोयला घोटाला, चावल घोटाला, सीमेंट घोटाला, तबादला घोटाला समेत प्रदेश के हर तरह के संसाधनों की लूट मचा कर कांग्रेस की यह बेईमान सरकार अंग्रेजों से भी अधिक बेरहमी से छत्तीसगढ़ को लूटने का काम कर रही है। घोटाले की श्रृंखला में भूपेश सरकार ने मनमोहन सरकार को भी पीछे छोड़ दिया है। इस घोटाले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आबकारी मंत्री कवासी लखमा के संरक्षण में अनवर ढेबर द्वारा एक संगठित अपराधिक सिंडिकेट का निर्माण किया गया , जिला कोष अध्यक्ष मुकेश जयसवाल ने अपने उद्वोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे सात्विक भोले भाले लोगों के आश्रय स्थल को आज कांग्रेस राज में अपराधियों माफियाओं का अड्डा बना दिया गया है।

आगामी नवंबर में इसका जवाब जनता देगी। इस दौरान भाजपा जिला उपाध्यक्ष जनार्दन साहू, जिला कोषाध्यक्ष मुकेश जयसवाल, मंडल अध्यक्ष रामलाल साहू, भाजयुमो मंडल अध्यक्ष रामप्रताप ने भी उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए भूपेश सरकार को जमकर कोसा। जिसके उपरांत रतनपुर चौक तक पैदल मार्च करते हुए सभी ने जोरदार नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री और आबकारी मंत्री का पुतला रतनपुर चौक में जलाया गया। जिसे पुलिस द्वारा छीनने का काफी प्रयास किया गया लेकिन भाजपाइयों ने पुतला जला कर अपना विरोध प्रकट किया।

