छत्तीसगढ़ के विकास में बंगाली समाज का महत्वपूर्ण योगदान- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुए बंगाली नववर्ष व बंगाली एसोसिएशन के शताब्दी समारोह में मां काली की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की

छत्तीसगढ़ के विकास में बंगाली समाज का महत्वपूर्ण योगदान- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुए बंगाली नववर्ष व बंगाली एसोसिएशन के शताब्दी समारोह में मां काली की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के विकास में बंगाली समाज का महत्वपूर्ण योगदान है। बंगाली समुदाय शुरू से ही सचेत और जागरूक रहा है। बंगाल की धरती क्रांतिकारियों और समाज सुधारकों की रही है। इनके बिना देश की आजादी और नवनिर्माण की कल्पना नहीं की जा सकती है। राजा राममोहन राय और सुभाष चंद्र बोस के योगदान को नहीं भुलाया जा सकता। संत रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पूरी दुनिया को बंगाल की सर्वश्रेष्ठ देन है।

देश के भक्ति आंदोलन में बंगाल के संतो का महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज बिलासपुर के कालीबाड़ी मैदान में आयोजित बंगाली नववर्ष एवं बिलासपुर बंगाली एसोसिएशन के शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कालीबाड़ी में मां काली की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता खाद्य एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने की।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बंगाली समुदाय को मोपका और तिफरा में 7 हजार और 5 हजार स्क्वेयर फीट जमीन आबंटित करने के लिए कार्यवाही करने के निर्देश कलेक्टर को दिए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि दुर्गा पूजा और गणेश पूजा हमारी सांस्कृतिक पहचान बन गए हैं। बंगाल से छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक संबंध है। लोगों के साथ उनकी संस्कृति भी चलती है।

छत्तीसगढ़ ने बंगाल की संस्कृति को आत्मसात किया है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद और रविंद्रनाथ टैगोर की छत्तीसगढ़ यात्राओं का भी स्मरण किया। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने बंगाल के बाद सबसे ज्यादा समय छत्तीसगढ़ में ही बिताया है। उन्होंने पूरे 2 वर्ष तक का समय छत्तीसगढ़ में बिताया। स्वामी विवेकानंद के नाम पर ही छत्तीसगढ़ में एयरपोर्ट का नाम रखा गया है। रविंद्रनाथ टैगोर को कौन नहीं जानता है। उनके द्वारा समाज को दिए गए योगदान को नही भुलाया जा सकता। श्री रविंद्रनाथ टैगोर ने भी छत्तीसगढ़ में समय बिताया है।
उन्होंने अविभाजित बिलासपुर में अपनी पत्नी का इलाज करवाया था। कार्यक्रम में स्वागत भाषण बंगाली एसोसिएशन बिलासपुर के महासचिव देवाशीष लाल्टू घोष ने दिया। समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ की महान विभूतियों को छत्तीसगढ़ रत्न अवार्ड से सम्मानित किया।

इनमें पद्म विभूषण पंडवानी गायिका तीजन बाई, न्यायमूर्ति किशोर भादुड़ी, नीति आयोग के पूर्व सदस्य और अर्थशास्त्री प्रणव कुमार चट्टोपाध्याय शामिल है। शताब्दी समारोह में संसदीय सचिव रश्मि सिंह, विधायक शैलेश पांडे, महापौर रामशरण यादव, पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष प्रमोद नायक, अरपा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अभय नारायण राय, विजय केशरवानी, विजय पांडे, रामकृष्ण मिशन कोनी के संत सेवाव्रतनंद महाराज, रविघोष, सहित बंगाली समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद थे। समारोह में बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी गई।
भाजपा शासनकाल में सडक़ मार्ग से बस्तर नहीं जा सकते थे-सीएम

मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने भाजपा और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह पर जमकर हमला बोला मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा के शासनकाल में सडक़ मार्ग से बस्तर नहीं जा सकते थे लेकिन आज बस्तर आप सडक़ मार्ग से जा सकते हैं। भाजपा के समय केवल राष्ट्रीय राजमार्ग के 5 किलोमीटर के दायरे में ही सरकार थी। 15 साल तक बस्तर में नक्सलियों के कब्जे में रहा है, हमारी सरकार ने उसको मुक्त किया। पांच सौ से ज्यादा गांव हमने नक्सलियों से मुक्त कराया नक्सलियों को पीछे धकेला।
पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि रमन सिंह को कुछ नहीं आता है वह कुछ का कुछ बोलते रहते हैं।
रमन सिंह अपनी चिंता करें अपनी पार्टी की चिंता करे। आदिवासियों और आदीवासी नेताओं की दुर्गति रमन सिंह ने की अब अकेले रेणुका सिंह बच गई हैं। रामविचार, नंदकुमार, विष्णु देव साय जैसे आदिवासी नेताओं को रमन सिंह और भाजपा ने पीछे धकेल दिया है।

MRINMOY MALLICK

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