VHP का छत्तीसगढ़ बंद का दिखा असर व्यापारिक संगठनों का मिला समर्थन
बिलासपुर। साजा थाना क्षेत्र के बिरनपुर गांव में शनिवार को दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद वीहिप ने आज 10 अप्रैल को छत्तीसगढ़ बंद का एलान किया था। इस दौरान प्रदेश के लगभग सभी शहरों में बंद सफल रहा। बिलासपुर में भी इसका मिलाजुला असर दिखा।
विहिप के छत्तीसगढ़ बंद का सर्वाधिक असर बिलासपुर शहर के मुख्य मार्गों पर देखने को मिला . यहाँ सुबह से ही मुंगेली नाका चौक से तोरवा चौक तक मुख्य सड़क पर स्थित सभी छोटी-बड़ी दुकानें व व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे . सदर बाज़ार, गोल बाज़ार, जूना बिलासपुर, दयालबंद, पुराना बस स्टैंड, तेलीपारा, लिंक रोड, शिव टॉकीज चौक आदि इलाकों में बंद शत-प्रतिशत सफल रहा . शनिचरी बाज़ार और बृहस्पति बाज़ार के सब्जी बाज़ार में बंद का असर अपेक्षाकृत कम था .
सुबह बंद का असर अपेक्षाकृत कम था . विहिप, भाजपा और बजरंग दल के कार्यकर्त्ताओं ने लगभग पूरे शहर का फेरा लगाया . बुधवारी बाज़ार, व्यापार विहार, राजीव प्लाजा और तोरवा तक कार्यकर्त्ता गए और खुले हुए प्रतिष्ठानों को आग्रहपूर्वक बंद कराया . 36 माल तो सुबह से ही बंद था लेकिन मैग्नेटो माल बंद नहीं था . माल और उसके आसपास के लोगों ने थोड़ा-बहुत विरोध अवश्य किया। बंद के दौरान शहर में कोई अप्रिय विवाद की स्थिति निर्मित नहीं हुई . विहिप, भाजपा, बजरंग दल और संघ के अनेक कार्यकर्त्ता गोलबाजार में सुबह से दोपहर दो बजे तक मौजूद थे और वहीँ से कार्यकर्त्ताओं का जत्था रवाना किया जा रहा था .
विश्व हिन्दू परिषद के आवाहन पर प्रदेश की राजधानी रायपुर के अलावा दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, जगदलपुर, बस्तर, रायगढ़, जांजगीर, कोरवा, मुंगेली शहर के साथ सभी छोटे बड़े कस्बों में बंद का असर दिखा। लगभग सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रही। सुबह से घूम घूम कर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता व्यापारियों से बंद करने का निवेदन करते रहे। हालांकि उन्हे इसके लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी, लोगों ने स्वयं ही अपना समर्थन देते हुए अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। व्यापारी से लेकर अन्य राजनैतिक दलों ने भी इस बंद को अपना समर्थन दिया। इस बीच कुछ स्थानों पर विवाद की स्थिति भी निर्मित हुई।
बिलासपुर में बंद का मिला जुला असर दिखाई दिया। मुख्यमार्गों की दुकानें तो बंद रही लेकिन गलिकुचों की दुकानें अन्य दिनों की तरह खुली रही।

