किसनहा मुख्यमंत्री ने किसानों का दर्द समझा, अब 20 क्विंटल धान की खरीदी
धान को औने-पौने दाम पर बेचने की अब नहीं रहेगी मजबूरी

किसनहा मुख्यमंत्री ने किसानों का दर्द समझा, अब 20 क्विंटल धान की खरीदीधान को औने-पौने दाम पर बेचने की अब नहीं रहेगी मजबूरी

बिलासपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए किसानों से समर्थन मूल्य पर अब प्रति एकड़ 15 च्ंिटल की जगह 20 क्विंटल धान खरीदी की घोषणा की गयी है। धान खरीदी की मात्रा 15 से बढ़ाकर 20 च्ंिटल प्रति एकड़ किए जाने के फैसले जिले के  किसान गदगद हैं। उन्होंने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अब अतिरिक्त धान को औने-पौने दाम पर बेचने की मजबूरी नहीं रहेगी। किसानों ने कहा कि आखिर किसान के दर्द को एक किसनिहा मुख्यमंत्री ने समझा। सभी ने एक स्वर में मुख्यमंत्री को बारंबार धन्यवाद देते हुए उनका आभार जताया।
सकरी तहसील के बहतराई में रहने वाले किसान संतोष कुमार कौशिक ने इस घोषणा को किसानों के हित में लिया गया बड़ा निर्णय बताया। उन्होंने बताया कि वे दो एकड़ में खेती करते हैं और लगभग 40 क्विंटल धान की पैदावार होती है। 15 क्विंटल के बाद बाकी का धान औने-पौने दाम पर बाजार में 1200 क्विंटल में बेचते थे। इस फैसले से प्रति च्ंिटल हमें 20 से 25 हजार रूपए की बचत होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देश का एकमात्र राज्य है जहां किसानों के हित में ऐसा निर्णय लिया गया है। अमेरी गांव के मनहरण लाल निर्मलकर ने बताया कि उनके पास पांच एकड़ खेत है। उन्होंने इस फैसले को किसानों के लिए फायदेमंद बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। निरतू गांव की श्रीमती कला बाई ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू से किसानों के बेहतरी के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही है। इस घोषणा से अब हमें औने-पौने दाम पर अपने धान को बेचने की मजबूरी नहीं रहेगी।
बहतराई के लक्ष्मी प्रसाद कौशिक ने बताया कि वे पौने दो एकड़ भूमि में खेती किसानी करते है। उन्होंने बताया कि  अतिरिक्त धान को औने पौने दाम में बेचना पड़ता था, जिससे हमें नुकसान होता था। सरकार द्वारा दी जा रही राजीव गांधी किसान न्याय योजना की किश्त से हम बच्चों की परवरिश और अपने सारे त्यौहार अच्छे से मना पा रहे है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताया। तखतपुर ब्लॉक के चिचिरदा निवासी श्री बद्रीप्रसाद ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए इसे किसानों के हित में लिया गया बड़ा निर्णय बताया है।

MRINMOY MALLICK

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