अमेरिका का सिलिकॉन वैली बैंक दिवालिया
बैंक को बंद करने का दिया गया आदेश
वाशिंगटन। अमेरिका में एक बार फिर बड़ा बैंकिंग संकट खड़ा होता दिख रहा है। जिसका प्रमुख कारण अमेरिका का 16 वां सबसे बड़ा बैंक सिलिकॉन वैली दिवालिया हो गया है। अमेरिकी रेगुलेटर्स ने देश के सबसे बड़े बैंकों में से एक सिलिकॉन वैली बैंक को बंद करने का आदेश दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कैलिफोर्निया के डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल प्रोटेक्शन और इनोवेशन से इस बैंक को बंद करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही उसने फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन को बैंक का रिसीवर नियुक्त किया गया है। वहीं बैंकों में जमा पैसों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन को दी गई है।
अमेरिका का 16वां सबसे बड़ा बैंक
सिलिकॉन वैली अमेरिका का 16वां सबसे बड़ा बैंक है। बैंक के पास करीब 210 अरब डॉलर के एसेट्स हैं। यह टेक कंपनियों और वेंचर कैपिटल के निवेश वाली कंपनियों को वित्तीय सहायता देने वाला अमेरिका का प्रमुख बैंक है। पिछले 18 महीनों में अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने से ऐसी कंपनियों को तगड़ा झटका लगा है। जिसके कारण निवेशकों की दिलचस्पी भी टेक कंपनियों के में घटी है। अभी यह साफ नहीं है कि बैंक के पास 2.5 लाख डॉलर की इंश्योरेंस लिमिट से अधिक कितनी जमा राशि है। क्योंकि सिलिकॉन वैली बैंक ने टेक कंपनियों को काफी कर्ज दिया है।
2008 में अमेरिका में आई थी मंदी
29 सितंबर 2008 को जब अमेरिकी बाजार खुले, तो गिरावट के रिकॉर्ड टूट गए। करीब 1.2 लाख करोड़ डॉलर सिर्फ एक दिन में साफ हो गया था। जोकि उस समय भारत की कुल जीडीपी के बराबर की रकम थी।

