मुख्यमंत्री कला-संस्कृति के साथ पारंपरिक खेलों को दे रहे बढ़ावा
राज्योत्सव का संसदीय सचिव रश्मि सिंह ने किया उद्घाटन

मुख्यमंत्री कला-संस्कृति के साथ पारंपरिक खेलों को दे रहे बढ़ावाराज्योत्सव का संसदीय सचिव रश्मि सिंह ने किया उद्घाटन

बिलासपुर । पुलिस ग्राउंड में राज्योत्सव  का संसदीय सचिव रश्मि सिंह ने उद्घाटन किया। इस दौरान देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शहरवासी आंनद लेते रहे।  राज्योत्सव में 31 विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं। विगत लगभग 4 सालों में हुए विकास कार्यों को खूबसूरत तरीके से दिखाया गया है। इनमें प्रमुख रूप से जिला पंचायत, कृषि विभाग, वन विभाग, उद्यानिकी विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जनसंपर्क विभाग, स्वास्थ्य, आयुष विभाग, मछलीपालन, पशुपालन, जल जीवन मिशन, शिक्षा विभाग, महिला व बाल विकास विभाग, एनटीपीसी, एसईसीएल आदि शामिल हैं। संसदीय सचिव ने सभी स्टालों का अवलोकन कर प्रदर्शनी की सराहना की। स्थानीय छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृतियों पर आधारित प्रस्तुतियों ने जन समुदाय का मन मोह लिया। अनिल कुमार गढ़वाल के नेतृत्व में लोक श्रृंगार भारती की टीम ने गेड़ी नृत्य की सुंदर प्रस्तुति दी। देश विदेश में प्रस्तुति देकर काफी नाम कमाया है। तखतपुर के खजुरी की लोक कलाकारों ने श्रवण कुमार मरावी की अगुवाई में परंपरागत कर्मा नृत्य की प्रस्तुति से लोगों को आकर्षित किया। स्कूली बच्चों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रम देकर प्रशंसा बटोरी। इनमें महारानी लक्ष्मी बाई कन्या स्कूल, देवकीनंदन क्षत्री कन्या स्कूल, चिंगराज पारा व सरकंडा ऊमावि के बच्चों की टोली शामिल है। सभी सांस्कृतिक दलों को मुख्य अतिथि द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं प्रोत्साहन राशि से सम्मानित किया गया। संसदीय सचिव  रश्मि आशीष सिंह ने छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा अर्चना कर जिला स्तरीय राज्योत्सव का शुभारंभ किया। समारोह में विधायक कृष्णमूर्ति बांधी, महापौर रामशरण यादव, सहकारी बैंक अध्यक्ष प्रमोद नायक, मंडी अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ला, कमिश्नर संजय अलंग, आईजी रतनलाल डांगी, कलेक्टर सौरभकुमार, एसएसपी पारुल माथुर सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। रश्मि सिंह ने राज्योत्सव की बधाई और शुभकामनाएं दी और कहा कि छत्तीसगढ़ के लोग उत्सवधर्मी हैं। हमारी खुशहाली का यह प्रमुख कारण है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संस्कृति और कला के संरक्षण के बाद पारंपरिक खेलों को बढ़ावा दे रहे हैं। शहर गांव सभी जगह इन खेलों के प्रति उत्साह का माहौल है। महिलाएं भी बड़ी संख्या में इन खेलों में हिस्सा लेकर अपने पुराने दिनों और बचपन को याद कर रहे हैं। राज्य स्तरीय समारोह में गौरव की एक और कड़ी आदिवासी नृत्य समारोह के रूप में जुड़ी है। विधायक कृष्णमूर्ति बांधी ने कहा कि अलग राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। संयुक्त मध्यप्रदेश में इस इलाके की अनदेखी होती थी। उन्होंने बताया की राज्य निर्माण के समय वर्ष 2000 में राज्य का बजट जहां केवल 9000 करोड़ था, वह आज बडकर 1 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। इससे विकास की गति का आकलन किया जा सकता है। महापौर रामशरण ने कहा की पृथक राज्य में छत्तीसगढिय़ा लोगों का मान सम्मान बढ़ा है। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के नेतृत्व में गांव, गरीब और किसानों को सर्वांगीण विकास हो रहा है। धान की तरह 65 प्रकार की वनोपजों का समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। इसका लाभ वनवासियों को मिल रहा है। जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष प्रमोद नायक ने  अपने संबोधन में कहा कि 23 साल का युवा छत्तीसगढ़ तेजी से विकास कर रहा है। राज्योत्सव के शुभ अवसर पर आज से किसान हित में राज्य सरकार ने धान खरीदी शुरू की है। इससे किसान मजदूर सभी समृद्ध हो रहे हैं। देर रात तक लोग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद उठाते रहे। 

MRINMOY MALLICK

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