राज्य सरकार सेना से भूमि वापसी का ठोस प्रस्ताव अविलम्ब दे
केन्द्र सरकार जनहित में भूमि वापस करे और उसका बाजार मूल्य न मांगे
बिलासपुर। हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति द्वारा संचालित धरना आंदोलन आज भी जारी रहा। आज प्रमुख रूप पुन: हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति के सदस्य धरने पर बैठे। सभा के दौरान सदस्यों ने सेना के कब्जे से 270 एकड़ जमीन वापस लेकर एयरपोर्ट प्रबंधन को सौंपने हेतु एक ठोस प्रस्ताव अविलम्ब रक्षा मंत्रालय भारत सरकार को देने की मांग की।
गौरतलब है कि एएआई से रिपोर्ट मिलने के बाद अब यह साफ हो गया है कि सेना के कब्जे की 1166 एकड़ जमीन में से 270 एकड़ की आवश्यकता बिलासपुर में 4सी एयरपोर्ट बनाने के लिए पड़ेगी। रिपोर्ट के साथ आए हुए नक्शों से अब यह साफ हो गया है कि कौन सी भूमि एयरपोर्ट विस्तार के लिये आवश्यक है। इसके आगे की प्रक्रिया अब राज्य सरकार को करनी है और उसे विधिवत सेना के हिस्से की जमीन रक्षा मंत्रालय से मांगनी है। इस हेतु एक ठोस प्रस्ताव जल्दी से जल्दी सेना को दिया जाना चाहिए।
हवाई सेवा संघर्ष समिति के सदस्यों ने एक साथ आवाज उठाई की केन्द्र सरकार से मांग की है कि एयरपोर्ट की जो जमीन सेना के अधिग्रहण में है उसे जल्द से जल्द सौपे ताकि एयरपोर्ट के विकास का कार्य तेजी से हो सके जिससे बोइंग और बड़े विमानों के उतरने का रास्ता साफ हो सकें। आगे बिलासपुर के महापौर रामशरण यादव ने कहा कि केन्द्रीय रक्षा मंत्री और उड्डयन मंत्री को पत्र लिखकर मांग करूंगा की हवाई संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मण्डल से मिलकर समय देने की कृपा करें, और केन्द्र सरकार जनहित में भूमि वापस करें और उसका बाजार दर ना मांगे।
आज की सभा में आगमन के क्रम से देवेंद्र सिंह बाटू, केशव गोरख, दीपक कश्यप, संतोष पीपलवा, विजय वर्मा, बद्री यादव, समीर अहमद, संजय पिल्ले, सीएल मीणा, किशोरी लाल गुप्ता, मोहन जायसवाल, नवीन वर्मा, चंद्रप्रकाश जायसवाल, महेश दुबे टाटा महराज, अनिल गुलहरे, रामशरण यादव, नरेश यादव, चंद्र प्रदीप बाजपेयी अकील अली शामिल हुए।

