सिम्स अस्पताल मे कूल्हे की मांसपेशियों मे दुर्लभ हायडेटिड सिस्ट बिमारी का सफल आपरेशन
बिलासपुर।सिम्स बिलासपुर के सर्जरी विभाग मे ओ.पीडी. दिनांक 18.12.2023 को मरीज उम्र 43 वर्ष महिला कमर में दर्द की शिकायत लेकर इलाज कराने पहुंची थी सर्जरी विभाग के चिकित्सक डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह सहायक प्राध्यापक द्वारा उक्त कमर दर्द से पीडित महिला का परीक्षण किया गया ।
उक्त मरीज के कूल्हे में सूजन पाया जिसका सोनोग्राफी कराने की सलाह दिया गया सोनोग्राफी जांच में पाया कि उक्त मरीज के कूल्हे के मांसपेशियों में हायडिट सीस्ट नामक बीमारी था जो कि दुर्लभ था। सामान्यत: यह बिमारी पेट के लीवर, तिल्ली, फेफडा मे पाया जाता है। कूल्हे के मांसपेशियों मे हायडेटिड सिस्ट अत्यंत दुर्लभ है अभी तक विश्व मे 0.7 से 3.1 प्रतिशत तक पाई गई है यह बिमारी जानवर मुख्यत: कुत्ते, बिल्ली के मल से संक्रमित भोज्य पदार्थ लेने से फैलता है। चूंकि कूल्हे के मांसपेशी में होने के वजह से हायडेटिङ सिस्ट बैठने अथवा इंजेक्शन लगवाने से फटने की संभावना थी फटने पर मरीज की जान को खतरा हो सकता था। सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष, डॉ. नीरज शेण्डे, प्रोफेसर के दिशा निर्देश मे सर्जरी विभाग के चिकित्सकों की टीम डॉ. राजेन्द्र सिंह, सहायक प्राध्यापक, डॉ. शुभा एक्का, सहायक प्राध्यापक, डॉ. ब्रजेश पटेल, सह प्राध्यापक, डॉ. दिव्याश्री सिंह, सीनियर रेसीडेंट एवं निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. रमन एवं पीजी चिकित्सकों द्वारा सफल आपरेशन किया व कूल्हे के मांसपेशी के हायडेटिड सिस्ट को बाहर निकाला गया, अभी मरीज स्वस्थ है एवं अस्पताल से छुट्टी दे दिया गया है।

